महमूद मदनी और मौलाना कारी अबरार जमाल
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के नेता महमूद मदनी के हालिया बयान के बाद ‘जिहाद’ की व्याख्या को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है. इसी कड़ी में मौलाना कारी अबरार जमाल ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिहाद का अर्थ हिंसा या देश-विरोधी गतिविधियों से नहीं, बल्कि आत्म-सुधार और अन्याय के खिलाफ खड़े होने से है.
जमीयत हिमायतुल इस्लाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कारी अबरार जमाल ने र30 नवंबर, 2025 को मदनी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जिहाद का वास्तविक अर्थ समझना जरूरी है. जिहाद का मतलब किसी समाज या देश के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि बुराइयों के खिलाफ संघर्ष, सुधार और अच्छे कार्यों को बढ़ावा देना है.
मदनी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण
कारी अबरार जमाल ने कहा, “अगर मौलाना महमूद मदनी अपने समुदाय के भीतर मौजूद समस्याओं, गलतफहमियों और उन लोगों के खिलाफ जिहाद की बात करते जो सीधे या परोक्ष रूप से आतंकवादियों का समर्थन करते हैं तो उसका एक सकारात्मक और सार्थक संदेश जाता. अगर वह आतंकवादियों के खिलाफ जिहाद का फतवा जारी करते तो यह कदम वाकई समाज के लिए लाभकारी और प्रेरणादायक होता.”
उन्होंने कहा, “इसके विपरीत, मदनी की ओर से देश के करोड़ों सनातनियों के खिलाफ दिए जा रहे बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं. हिंदू समुदाय ने हमेशा मुसलमानों के साथ खड़े होकर भाईचारे और सद्भाव का परिचय दिया है. चाहे त्योहार हों, खुशियां हों या कठिन घड़ी, उन्होंने हमेशा साथ दिया है.”
हिंदुओं के खिलाफ जिहाद की बात करना गलत -
मौलाना कारी अबरार जमाल ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, “1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय भी हिंदू समाज ने मुसलमानों से कहा था कि यही आपका मुल्क है, हम आपकी हिफाजत करेंगे. ऐसे में हिंदुओं के खिलाफ जिहाद की बात करना निरर्थक और गलत है. ऐसे बयान देश के माहौल को खराब करते हैं और यह भारत की प्रगति के लिए भी ठीक नहीं है.”
उन्होंने कहा, “देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है. ऐसे समय में जिहाद और आतंकवाद जैसे शब्दों को बढ़ावा देना समाज को गलत दिशा में ले जा सकता है.”
वीएचपी ने मदनी का पुतला फूंका
भोपाल में 29 नवंबर को एक कार्यक्रम में मौलाना महमूद मदनी ने कहा था कि कि जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा. अब उनके इस बयान ने तूल पकड़ लिया है. रविवार दोपहर में हिंदू संगठनों ने रोशनपुरा चौराहा पर मौलान मदनी के पुतले को जूतों की माला पहनाई. जूतों से पीटा उसके बाद पुतले में आग लगा दी.
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने मौलाना के बयान को देश और हिंदू समाज के खिलाफ बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है. बजरंग दल का कहना है कि मौलाना मदनी ने वंदे मातरम, देश और हिंदू धर्म के खिलाफ बयान दिए हैं.
मसूद अजहर
पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद अब सिर्फ बंदूक और बारूद तक सीमित नहीं है बल्कि टेक्नोलॉजी के सहारे यह और ज्यादा खतरनाक हो रहा है. ताजा खुलासे में सामने आया है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी मसूद अजहर का संगठन जैश ए मोहम्मद डिजिटल वॉलेट्स और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस हाईटेक टेरर नेटवर्क में पाकिस्तानी सेना मुख्य मददगार के रूप में उभरकर सामने आई है.
जैश इस महत्वाकांक्षी मुहिम को ईजी पैसा और सदापे जैसे पाकिस्तानी डिजिटल वॉलेट के जरिए अंजाम देकर एक समानांतर वित्तीय तंत्र तैयार कर लिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक 'डिजिटल हवाला' प्रणाली है. टाइम्स नाउ की एक जांच रिपोर्ट में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) द्वारा वैश्विक जांच को दरकिनार कर अपने अभियान जारी रखने के लिए अपनाए जा रहे इस नए तरीके का खुलासा हुआ है.
जैश बनाएगा 313 मरकज
विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक 'डिजिटल हवाला' प्रणाली है. इसके जरिए जेईएम ने भारतीय हमलों में तबाह हुए अपने आतंकी ढांचे को फिर से बनाने और पाकिस्तान भर में 313 नए मरकज (आतंकवादी केंद्र) बनाने के लिए 3.91 अरब पाकिस्तानी रुपये (₹3,910 करोड़) का धन उगाहने का अभियान शुरू कर दिया है.
पाकिस्तान ने FATF को दिया धोखा
साल 2019 में वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की ग्रे सूची से बचने के लिए इस्लामाबाद ने JeM के खिलाफ सिर्फ दिखावे की कार्रवाई की. इस साजिश के तहत पाक सरकार और सेना ने मसूद अजहर और उसके भाइयों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए. जानवरों की खाल के दान और मस्जिदों में धन संग्रह अभियान जैसे पारंपरिक धन उगाहने के माध्यमों को बंद कर दिया. JeM के बहावलपुर मुख्यालय को सरकारी नियंत्रण में ले लिया. यह कहानी काम कर गई. साल 2022 में पाकिस्तान को FATF ने ग्रे सूची से हटा दिया.
इस मामले में सच्चाई कुछ और ही थी. JeM की वित्तीय जड़ों को खत्म करने के बजाय पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने समूह को फिनटेक वॉलेट में स्थानांतरित करने में मदद की. FATF को बैंक जांच का दिखावा किया गया, लेकिन पर्दे के पीछे अंतरराष्ट्रीय निगरानी से दूर, मोबाइल-आधारित लेनदेन के माध्यम से अरबों रुपये बेरोकटोक बहते रहे.
ऑपरेशन सिंदूर और जैश ए मोहम्मद
7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत के सटीक हमलों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में जैश ए मोहम्मद के मुख्यालय मरकज सुभानअल्लाह को चार प्रशिक्षण केंद्रों (मरकज बिलाल, मरकज अब्बास, महमोना जोया सरगल) के साथ ध्वस्त कर दिया. इसके बावजूद कुछ ही दिनों में जैश-ए-मोहम्मद ने न केवल इन सुविधाओं के पुनर्निर्माण का अभियान शुरू किया बल्कि पूरे पाकिस्तान में 313 नए केंद्र बनाए.
सोशल मीडिया को बनाया हथियार
Facebook, WhatsApp और प्रॉक्सी टेलीग्राम चैनलों पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े अकाउंट्स ने खुलेआम अपीलें, वीडियो और यहां तक कि मसूद अजहर के पत्र भी प्रसारित किए गए. इसके जरिए सभी व्यक्ति और चंदा देने की अपील की गई थी. जांचकर्ताओं ने जैश-ए-मोहम्मद के नेताओं से जुड़े सैकड़ों वॉलेट का पता लगाया है.
किसके पास किस चीज की जिम्मेदारी?
तल्हा अल सैफ (मसूद अजहर का भाई) जैश-ए-मोहम्मद के हरिपुर कमांडर आफताब अहमद के नाम से पंजीकृत नंबर से जुड़े सदापे का इस्तेमाल कर रहा है. अब्दुल्ला अजहर (मसूद अजहर का बेटा) चंदा इकट्ठा करने के लिए ईजीपैसा अकाउंट चला रहा है. सैयद सफदर शाह (जैश-ए-मोहम्मद का खैबर पख्तूनख्वा कमांडर) के मनसेहरा में एक और वॉलेट चला रहा है.
हर महीने बनाए जा रहे 30 नए वॉलेट
इस अभियान के लिए सक्रिय ट्रैकिंग से बचने के लिए हर महीने 30 नए वॉलेट बनाए जा रहे हैं. जैश-ए-मोहम्मद एक रोटेशन मॉडल अपनाता है—एक वॉलेट में पैसा जमा होता है, उसे 10-15 खातों में बांटा जाता है और फिर नकद में निकाल लिया जाता है या दूसरी जगह भेज दिया जाता है, जिससे उसका पता लगाना नामुमकिन हो जाता है.
चंदा वसूली
जैश पर प्रतिबंध के बावजूद पाकिस्तान में यह आतंकी संगठन खुलेआम चंदा उगाही कर रहा है. शुक्रवार को मस्जिदों से मिलने वाले चंदे को 'गाजा के लिए दान' के रूप में पेश किया जाता है. जैश-ए-मोहम्मद का चैरिटी संगठन अल रहमत ट्रस्ट फर्जी ट्रस्टियों के बैंक खातों के जरिए सालाना 10 करोड़ पाकिस्तानी रुपये और जुटाता है. इतना ही नहीं, गाजा का हवाला देकर जैश-ए-मोहम्मद भावनात्मक सहानुभूति का इस्तेमाल करके पैसा जुटाता है और उसे भारत के खिलाफ जिहाद के लिए इस्तेमाल करता है.
पैराग्लाइडिंग
हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग के दौरान एक और हादसा सामने आया है. बीते 6 महीने में यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है, जिसने एडवेंचर स्पोर्ट्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पर्यटन की चकाचौंध के पीछे क्या जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है? चौंकाने वाली बात यह है कि पर्यटन विभाग की उड़ान पर रोक के बावजूद किसने ऐसा करने की इजाजत दी?
उड़ान भरने के नियम
हवा में उड़ने का सपना लेकर जो लोग हिमाचल की वादियों में पैराग्लाइडिंग के लिए आते हैं, उनके लिए ये रोमांच अब डर में बदलता जा रहा है। बीते 6 महीने में दूसरी बार पैराग्लाइडर क्रैश होने की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. न तो सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो रहा है और न ही पर्यटकों की जान की कीमत समझी जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है—क्या हिमाचल में एडवेंचर टूरिज्म रोमांच से ज़्यादा लापरवाही का शिकार बन गया है? अहम सवाल यह है कि जब पर्यटन ने इंद्रनाग के समीप विकसित बनगोटूट साइट से उड़ान की इजाजत ही तो फिर पीड़ित ने वहां से उड़ा कैसे भरी?
इस हादसे के बाद दैनिक जागरण ने पर्यटन विभाग कांगड़ा के डिप्टी डायरेक्टर विनय धीमान के हवाले से कहा, 'बनगोटू साइट से अभी तक किसी भी प्रकार की उड़ानों की अनमुति नहीं दी थी. बिना अनुमति के उड़ान भरी गई और हादसे में पर्यटक की एक मौत हुई. पर्यटन विभाग इस मामले की जांच की कराएगी. नियमों का उल्लंघन करने वाले पायलट के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.
15 सितंबर तक है उड़ान पर रोक
पैराग्लाइडिंग साइट इंद्रूनाग के समीप विकसित बनगोटू साइट पर पैराग्लाइडिंग हादसे के बाद पर्यटन विभाग ने बरसात के मौसम को देखते हुए 15 जुलाई से 15 सितंबर तक पैराग्लाइडिंग पर रोक लगा दी गई है. कांगड़ा के एएसपी हितेश लखनपाल ने बताया कि टेंडम फ्लाइंग के दौरान हादसा हुआ था और पर्यटक की मौत हो गई है.
हिमाचल प्रदेश के पैराग्लाइडिंग साइट इंद्रूनाग के समीप विकसित बनगोटू साइट पर रविवार शाम पैराग्लाइडिंग की टेंडम फ्लाइंग के दौरान हादसे में गुजरात निवासी 25 वर्षीय पर्यटक सतीश की मौत हो गई. हादसा टेक आफ प्वाइंट से उड़ान भरने के दौरान हुआ. पैराग्लाइडर पायलट सूरज निवासी टऊ (धर्मशाला) भी घायल हुआ. दोनों घायल को धर्मशाला में प्राथमिक उपचार के बाद टांडा अस्पताल रेफर किया गया, जहां पर्यटक की मौत हो गई.
जनवरी में भी हुआ था हादसा
18 जनवरी 2025 को इंद्रूनाग साइट से टेंडम फ्लाइट के दौरान युवती की मौत हो गई थी. युवती 19 वर्षीय भावेश्वर खुशी पुत्री जिग्नेश निवासी नारनपुरा अहमदाबाद गुजरात की रहने वाली थी. उस समय उड़ान सायं पौने छह बजे भरी थी. हादसे के बाद एसडीएम धर्मशाला की अध्यक्षता में जांच की थी. साथ ही सुरक्षा के सभी मानकों के तहत ही उड़ान भरने की सहमति प्रदान की थी.
नियम क्या है?
पर्यटन विभाग द्वारा तय गाइडलाइंस के अनुसार पैराग्लाइडिंग ऑपरेटरों को प्रशिक्षित पायलट, लाइसेंस और सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता है, लेकिन जमीनी जमीनी हकीकत इससे बहुत अलग है. पर्यटकों की भीड़ के चक्कर में कई बार अनुभवहीन पायलट भी उड़ान भरते हैं, जिससे जान को जोखिम बढ़ता है.बीर-बिलिंग जो एशिया के सबसे लोकप्रिय पैराग्लाइडिंग स्पॉट्स में गिना जाता है, अब सुरक्षा के लिलाह से कटघरे में है.
पैराग्लाइडिंग विशेषज्ञों का कहना है कि हर उड़ान से पहले मौसम की स्थिति, उपकरणों की जांच और पायलट की योग्यता की पुष्टि ज़रूरी है. साथ ही, सख्त रेगुलेशन और निगरानी ही इन हादसों पर लगाम लगा सकती है.
फाइल फोटो
सितंबर खत्म होने के साथ ही अक्टूबर 2025 की शुरुआत कई बड़े बदलावों के साथ हुई है. हर महीने की तरह इस बार भी कई ऐसे नियम लागू हुए हैं, जो सीधे आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. इनमें LPG सिलेंडर की कीमत से लेकर UPI और रेलवे टिकट बुकिंग तक कई बदलाव शामिल हैं. आइए जानते हैं इन पांच बड़े बदलावों के बारे में आसान भाषा में.
1. एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा
त्योहारी सीजन में रसोई का बजट बिगाड़ने वाली खबर आई है. 1 अक्टूबर से 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत बढ़ गई है. दिल्ली में अब यह 1595 रुपये का मिलेगा, जबकि मुंबई में 1547 रुपये, कोलकाता में 1700 रुपये और चेन्नई में 1754 रुपये. हालांकि, घरेलू 14 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
2. हवाई सफर होगा महंगा
एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाला ईंधन महंगा हो गया है. दिल्ली में अब इसकी कीमत 93,766 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है. मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी रेट बढ़े हैं. इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा क्योंकि एयरलाइंस टिकट के दाम बढ़ा सकती हैं.
3. रेल टिकट बुकिंग का नया नियम
अब ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग में नया नियम लागू हो गया है. रिजर्वेशन खुलने के पहले 15 मिनट में केवल वही लोग टिकट बुक कर पाएंगे, जिनका आधार वेरिफिकेशन पूरा है. यह नियम फिलहाल IRCTC की वेबसाइट और ऐप दोनों पर लागू होगा. हालांकि, रेलवे काउंटर से टिकट लेने वालों के लिए कोई बदलाव नहीं है.
4. यूपीआई से जुड़ा बदलाव
यूपीआई यूजर्स के लिए भी नया नियम लागू हुआ है. NPCI ने P2P (पीयर-टू-पीयर) कलेक्ट ट्रांजैक्शन फीचर को 1 अक्टूबर से हटा दिया है. यह फैसला सिक्योरिटी और ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए लिया गया है. अब यह फीचर किसी भी UPI ऐप पर उपलब्ध नहीं होगा.
5. अक्टूबर में बैंकों की बंपर छुट्टियां
त्योहारी सीजन में अक्टूबर महीने में बैंकों की 21 छुट्टियां रहेंगी. इनमें गांधी जयंती, दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली, भाई दूज और छठ पूजा जैसी छुट्टियां शामिल हैं. साथ ही दूसरे-चौथे शनिवार और रविवार को भी बैंक बंद रहेंगे. हालांकि, ये छुट्टियां हर राज्य में अलग-अलग हो सकती हैं.